Thursday, July 18, 2019

संक्षिप्त परिचय

मै सन 2009-2010 से ब्लॉग लिखने के बारे में सोच रहा था, हां मैने कहाँ मै सोच रहा था क्योंकी मै लिख तो पाया नहीं था और व्यावहारिक रूप से अगर में लिख नहीं पाया था तो बाकी सब तो बस खयाली पुलाव ही थे, मेरा मतलब है की मेरा लिखना चालू तो था पर बस खयालो में ... हालांकि लिखने के लिए बहुत कुछ था, है और रहेगा ... और जो कुछ लिखना था उन विषयों पर मैंने बहुत अध्यन किया, सुना, समझा ... लिखने के लिए विषयों की कमी नहीं थी पर कभी शुरुआत ही नहीं कर पाया और हर बार बस यही मलाल रहता की काश मुझे छोटी सी ही सही, पर शुरुआत तो करनी चाहिए और बस शुरुआत के बारे में सोचता ही रह जाता ... और कभी-कभी जब लिखने बैठता तो इस उलझन में पड जाता की शुरुआत कहाँ से करूँ ? एक अच्छी और शानदार शुरुआत करने के लिए क्या लिखू ... कभी लगता मेरे स्वयं के बारे में बताऊँ, मेरे बारे में परिचय देते हुए कुछ लिख दूं, तो कभी मन इस उलझन में पड जाता की मेरे पास लिखने के लिए जो हजारो विषय है पर इन सबमें से पहले क्या लिखू और शुरुआत किस विषय से करूं ? बस इसी कश्मकश में समय निकलता गया और मै सोचता ही रहा ... और आज के समय में जैसा की हम देखते है हर कोई अपनी जिंदगी में मसरूफ़ है चाहे फिर उसके पास कोई काम हो, या ना हो, पर फिर भी वो व्यस्त है, और इसी लिए उसके पास टाइम नहीं है - मेरे एक दोस्त ने कहा था कि आज कल की दुनिया में कुछ लोगो के पास "काम दो कोडी का नहीं है पर फिर भी फुर्सत दो पल की नहीं है ... अब ये बात उसने मुझे देख कर कही थी या कुछ और ? हालांकि मुझे ये आज तक समझ नहीं आया और ना ही उसने मुझे बताया ... या ये कह लीजिये की जब आप कुछ नहीं कर रहे होते तब भी आप कुछ नहीं करने का काम कर रहे होते है, तो बात बड़ी सीधी सी है कि मेरे पास करने को कुछ बहुत बड़ा काम तो नहीं था पर फिर भी मै व्यस्त था और लेखन जैसे ज़रूरी काम को करने का वक्त मेरे पास नहीं था

खैर,  तब से मै लिखने के बारे में सोचता रहा, सोचता ही रहा और सोचता ही रह गया ... कई बार हिम्मत भी की पर किसी न किसी काम में उलझकर रह जाता था और शुरुआत को टालता रहा और मन को समझाता रहा की कल फिर से शुरुआत करूँगा और वो कल है की कभी आता ही नहीं ... जब तक की हम उस कल को आज में बदल कर आज ना बना दें ... और शायद आज वो कल आज बनकरआ ही गया और हिम्मत करके मेने आखिर कार शुरुआत कर ही दी, हां वो बात और है की मेरे इस पहले लेख में मैंने कहाँ से शुरुआत की है ये तो मैंने भी नहीं सोचा बस शुरू कर दिया और लिख दिया ... अब अच्छा-बुरा आप जानें -

अब आपके मन में सवाल होगा की मै कौन ? तो सम्मानीय पाठकगण मेरे बारे में, मै बस इतना कहूँगा कि मैं एक साधारण सा व्यक्ति हूँ जो की आप लोगो के साथ अपनी कुछ असाधारण योग्यताएं, विचार एवं अनुभव साँझा करूँगा ... और मुझे पूरा विश्वास है की आप लोगो को भी मेरे ये विचार अच्छे, कुछ नये भी और वास्तविक भी लगेंगे और आशा करता हूँ की आप सब का स्नेह और आशिर्वाद मुझे मिलता रहेगा l

धन्यवाद्

- सुधीर सोनी

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